मुंबई/कोलकाता. शीना बोरा हत्याकांड में उसकी मां और आईएनएक्स मीडिया की पूर्व सीईओ इंद्राणी मुखर्जी ने गुनाह कबूल कर लिया है। एक न्यूज चैनल ने दावा किया है कि उसने ज्यादातर आरोप मान लिए हैं। इससे पहले दो अन्य आरोपी इंद्राणी के पूर्व पति संजीव खन्ना और ड्राइवर श्याम राय गुनाह कबूल कर चुके हैं। इस बीच, हत्याकांड सामने आने के सात दिन बाद शीना के बायोलॉजिकल पिता सिद्धार्थ दास मीडिया के सामने आए। कहा, "यदि इंद्राणी ने हत्या की है तो उसे फांसी पर चढ़ाओ'। इधर, मुंबई पुलिस ने रायगढ़ से बरामद शीना के अवशेषों को फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी भेज दिया है। सिद्धार्थ से पूछताछ के लिए एक टीम कोलकाता रवाना हुई है।
सामने आए सिद्धार्थ
स्टार इंडिया के पूर्व सीईओ पीटर मुखर्जी की पत्नी इंद्राणी की 25 अगस्त को गिरफ्तारी के बाद पहली बार सिद्धार्थ मीडिया के सामने आए। उन्होंने कोलकाता में मीडिया से कहा, "इंद्राणी से मैं पहली बार गुवाहाटी के कॉलेज में मिला। इसके बाद हम करीब आ गए। इंद्राणी से न तो कानूनी तौर पर उनकी शादी हुई, न ही मंदिर में। हम दोनों 1986 से 1989 तक तीन साल लिव-इन रिलेशन में थे। तभी शीना और मिखाइल का जन्म हुआ। शीना की हत्या का मामला अखबारों और टीवी चैनल से पता चला। मैं डीएनए टेस्ट के लिए भी तैयार हूं। पुलिस को मदद को तैयार हूं। इंद्राणी बेहद लालची है। पैसे के लिए किसी भी हद तक जा सकती है।' इस केस में मुंबई पुलिस ने इंद्राणी के साथ ही उसके पूर्व पति संजीव खन्ना और ड्राइवर श्याम राय को भी गिरफ्तार किया है। तीनों पांच सितंबर तक पुलिस हिरासत में हैं।
हत्या का मकसद अब भी बना हुआ है रहस्य
शीना की हत्या का मकसद अब भी रहस्य बना हुआ है। पुलिस जांच के दायरे में पीटर और इंद्राणी की अवैध संपत्ति भी है। इसका बड़ा हिस्सा लंदन में है। पीटर की पहली शादी से जन्मे राहुल से शीना के रिश्ते का भी पहलू है।
शीना की हत्या की टिप मेरठ से उसकी सहेली ने दी थी
शीना हत्याकांड के खुलासे में सबसे अहम भूमिका रही है मेरठ से आए एक फोन कॉल की। अब पता चला है कि शीना की ही एक सहेली ने ही अपने पति से मुंबई पुलिस को फोन लगवाया था। दरअसल, हत्या से पांच महीने पहले शीना गुवाहाटी में शादी में गई थी। वहां उसने इस सहेली को बताया था कि 2012 की सर्दियों में वह पीटर मुखर्जी के बेटे राहुल से शादी करने वाली है। उसने उसे कुछ राज की बातें भी बताई थीं। सहेली का पति सरकार के सेंसेटिव विभाग में काम करता है। इस वजह से उसकी पहचान गुप्त रखी गई है। पुलिस ने उनसे कहा था कि जांच पूरी होने तक वे इस बारे में किसी को न बताएं। यह सहेली और शीना गुवाहाटी के डिज्नीलैंड स्कूल में साथ पढ़ते थे। दसवीं तक दोनों करीब थीं। शीना के मुंबई में सेंट जेवियर कॉलेज में एडमिशन के बाद भी दोनों संपर्क में थीं।
मिखाइल बोरा की भूमिका पर शक
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक शीना की सहेली जब गुवाहाटी के जू रोड स्थित सुंदरपुर हाउस पहुंची तो वहां कुछ सहेलियों ने उससे कहा कि मिखाइल उनसे मजाक कर रहा है। कह रहा है कि शीना पढ़ने के लिए अमेरिका चली गई है। उस समय तक मिखाइल की आर्थिक हालत अच्छी नहीं थी। मां इंद्राणी उसे हर महीने 15 हजार रुपए देती थी। लेकिन उसने 12 लाख रुपए की टाटा आरिया कार खरीदी थी। इससे मिखाइल की भूमिका को भी संदेह से परे नहीं रखा जा सकता।
जानिए, सिद्धार्थ की जुबानी इंद्राणी का सच
मुलाकात: सिद्धार्थ ने कहा- इंद्राणी से मैं पहली बार गुवाहाटी के कॉलेज में मिला। इसके बाद हम करीब आ गए। लिव इन रिलेशन में रहे।
प्यार: 1986 से 1989 तक मैं और इंद्राणी तीन साल तक लिव इन रिलेशन में रहे। इसी दौरान शीना और मिखाइल का जन्म हुआ।
...और दुत्कार: 1989 के बाद से इंद्राणी से संपर्क नहीं रहा। बच्चों का हाल पूछने फोन लगाता था। लेकिन शीना के माता-पिता अपमान करते थे। इस कारण वह बंद कर दिया।
इतने दिन छिपे क्यों रहे? : मीडिया में आया कि मैं बांग्लादेश भाग गया हूं। मैंने कोई गलत काम नहीं किया है तो मैं क्यों भागूंगा? इसी कारण सामने आना पड़ा।’
हर दिन जांच में नए खुलासे
> शीना की लाश को रायगढ़ में ठिकाने लगाने के लिए इंद्राणी और संजीव खन्ना ने पुलिस नाकेबंदी से बचने के लिए उसे बीच में बिठा रखा था।
> एफएसएल ने इंद्राणी और उसके बेटे मिखाइल के खून के नमूने लिए थे। ताकि अवशेषों के डीएनए से उनका मिलान किया जा सके।
> गुनाह कबूलने से पहले इंद्राणी पुलिस के सामने दावा करती रही कि शीना जिंदा है। वह अमेरिका में पढ़ रही है। उससे नफरत करती है, इसलिए सामने नहीं आ रही।
> तीनों आरोपियों पर पुलिस ने इंद्राणी के बेटे मिखाइल बोरा की हत्या की कोशिश करने और जहर देने के आरोप भी लगाए हैं।
> इंद्राणी दुनिया के सामने शीना-मिखाइल को भाई-बहन के तौर पर पेश करती थी। पूछताछ में इंद्राणी और संजीव एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं।
-Bhaskar
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